हरिद्वार अर्ध कुंभ 2027
14 जनवरी से 20 अप्रैल 2027 — 10 स्नान तिथियाँ, 3 अमृत स्नान, तैयारी की खबरें और यात्रियों के लिए गाइड, एक जगह।
हरिद्वार में कुंभ के छह वर्ष बाद अर्ध कुंभ लगता है। 2027 का अर्ध कुंभ मकर संक्रांति (14 जनवरी) के स्नान से शुरू होकर चैत्र पूर्णिमा (20 अप्रैल) के स्नान पर सम्पन्न होगा — कुल 97 दिन। इस दौरान हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं; तीन अमृत स्नान के दिन अखाड़ों की पेशवाई और शाही स्नान का दृश्य देखने लायक होता है।
यह पेज अर्ध कुंभ का हब है — तिथियाँ, प्रशासन की व्यवस्था, यातायात प्लान और तैयारी की खबरें यहीं अपडेट होती रहेंगी।
एक नज़र में
- अवधि
- 14 जनवरी – 20 अप्रैल 2027 (97 दिन)
- स्नान तिथियाँ
- 10
- अमृत स्नान
- 3 — महाशिवरात्रि, फाल्गुन अमावस्या, मेष संक्रांति
- मुख्य घाट
- हर की पैड़ी (ब्रह्मकुंड)
- सबसे अधिक भीड़
- मौनी अमावस्या और अमृत स्नान के दिन
- व्यवस्था
- मेला प्रशासन, हरिद्वार
स्नान तिथियाँ
- 14जनवरीमकर संक्रांतिपहला स्नान — अर्ध कुंभ का शुभारंभ · गुरुवार3 महीने बाद
- 6फ़रवरीमौनी अमावस्याप्रमुख स्नान — सबसे अधिक भीड़ · शनिवार3 महीने बाद
- 11फ़रवरीवसंत पंचमीस्नान पर्व · गुरुवार4 महीने बाद
- 20फ़रवरीमाघी पूर्णिमास्नान पर्व · शनिवार4 महीने बाद
- 6मार्चमहाशिवरात्रिपहला अमृत स्नान · शनिवार4 महीने बाद
- 8मार्चफाल्गुन अमावस्यादूसरा अमृत स्नान · सोमवार4 महीने बाद
- 7अप्रैलनव संवत्सरहिंदू नववर्ष स्नान · बुधवार5 महीने बाद
- 14अप्रैलमेष संक्रांति (बैसाखी)तीसरा अमृत स्नान · बुधवार6 महीने बाद
- 15अप्रैलराम नवमीस्नान पर्व · गुरुवार6 महीने बाद
- 20अप्रैलचैत्र पूर्णिमासमापन स्नान · मंगलवार6 महीने बाद
यात्रा की तैयारी
- ठहरने की बुकिंग जल्दी करें
स्नान तिथियों के आसपास होटल-धर्मशाला महीनों पहले भर जाते हैं; मेला क्षेत्र में टेंट सिटी की सूचना प्रशासन देता है।
- भीड़ से बचना हो तो अमृत स्नान के दिन न चुनें
बीच के सामान्य दिनों में भी गंगा स्नान और आरती का अनुभव उतना ही सुंदर है, भीड़ कहीं कम।
- वाहन निर्धारित पार्किंग में
स्नान के दिनों में शहर के भीतर वाहन प्रतिबंधित रहते हैं; पार्किंग से शटल या पैदल। यातायात प्लान की खबरें इसी पेज पर।
- पहचान-पत्र और ज़रूरी दवाएँ साथ रखें
खोया-पाया केंद्र और चिकित्सा शिविर हर सेक्टर में होते हैं; परिवार में एक फ़ोन नंबर सबको याद हो।
- घाट पर प्रशासन के निर्देश मानें
निर्धारित घाट, निर्धारित समय; जंज़ीर पकड़कर स्नान; गहरे पानी में न जाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कुंभ और अर्ध कुंभ में क्या अंतर है?
अमृत स्नान क्या है?
क्या तिथियाँ बदल सकती हैं?
यात्रियों के लिए
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