गंगा आरती — हर की पैड़ी
हर की पैड़ी पर सुबह और शाम की गंगा आरती — समय, कहाँ बैठें, कैसे पहुँचें, क्या ध्यान रखें। आज का समय ऊपर की पट्टी में।
हर की पैड़ी के ब्रह्मकुंड पर होने वाली गंगा आरती हरिद्वार की पहचान है। हर दिन दो बार — भोर में सूर्योदय के आसपास और शाम को सूर्यास्त के समय — पुजारी बड़े दीपों से माँ गंगा की आरती करते हैं, घाट पर घंटियाँ और शंख बजते हैं और हज़ारों दीपदान गंगा में बहते हैं।
शाम की आरती सबसे अधिक लोकप्रिय है; पर्व और छुट्टियों के दिन घाट आरती से घंटे भर पहले ही भर जाता है। आरती श्री गंगा सभा द्वारा संचालित होती है और इसमें शामिल होने का कोई शुल्क नहीं है।
एक नज़र में
- स्थान
- हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड
- शाम की आरती
- सूर्यास्त के आसपास
- सुबह की आरती
- सूर्योदय के आसपास
- अवधि
- लगभग 20–30 मिनट
- शुल्क
- निःशुल्क (दान स्वैच्छिक)
- रेलवे स्टेशन से
- लगभग 2 किमी
आरती का अनुभव कैसे लें
- आरती से 45–60 मिनट पहले पहुँचें
पर्व के दिनों में इससे भी पहले। घाट की सीढ़ियों पर बैठने की जगह पहले भर जाती है।
- सामने का दृश्य मालवीय द्वीप से
ब्रह्मकुंड के सामने वाले द्वीप (मालवीय द्वीप) से पूरी आरती और घाट एक साथ दिखते हैं; पुल पार करके पहुँचा जा सकता है।
- जूते-चप्पल निर्धारित स्थान पर
घाट पर जूते नहीं ले जाए जाते; निर्धारित स्टैंड का उपयोग करें, टोकन सँभाल कर रखें।
- दीपदान
घाट पर पत्तों के दोने में दीप और फूल मिलते हैं; आरती के समय गंगा में प्रवाहित किए जाते हैं।
- भीड़ से निकलना
आरती के तुरंत बाद पुल पर भीड़ होती है — कुछ मिनट रुकें, या ऊपरी सड़क (अपर रोड) से बाहर निकलें।
गंगा और घाटों की ताज़ा खबरें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आरती के लिए टिकट या रसीद लगती है?
सबसे अच्छा मौसम कौन सा है?
क्या फोटो और वीडियो ले सकते हैं?
बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए कोई सुझाव?
कहाँ है
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