भूपतवाला-सप्तसरोवर की सड़कों पर अब नजर: डीएम ने तय की समयसीमा, ठेकेदार को फटकार
भूपतवाला-सप्तसरोवर क्षेत्र में सीवरेज कार्य के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में देरी पर डीएम मयूर दीक्षित ने नाराजगी जताई है। एक सप्ताह में जरूरी मरम्मत पूरी करने और 15 अक्टूबर तक क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
भूपतवाला और सप्तसरोवर क्षेत्र में सीवरेज कार्य के बाद खराब हुई सड़कों की परेशानी अब प्रशासन के रडार पर है। सड़क मरम्मत की धीमी रफ्तार को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
बुधवार को डीएम ने पुराना एआरटीओ चौक, सप्तऋषि मार्ग और आसपास के इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों के कई हिस्सों में मरम्मत और पुनर्स्थापना का काम अपेक्षित गति से नहीं होता मिला। सड़क पर गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों, वाहन चालकों और क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक सप्ताह में मरम्मत पूरी करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने सड़क मरम्मत की गति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को फटकार लगाई। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह के भीतर क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और सीवर चैंबरों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने केवल सड़क की ऊपरी मरम्मत पर ही जोर नहीं दिया है, बल्कि काम की गुणवत्ता बनाए रखने को भी कहा है।
15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
डीएम ने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को 15 अक्टूबर 2026 तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। यानी आने वाले दिनों में इन इलाकों में सड़क मरम्मत का काम तेजी से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर होगी।
सड़क के साथ पेयजल और बिजली व्यवस्था भी निशाने पर
सीवरेज कार्य के दौरान सिर्फ सड़कें ही प्रभावित नहीं हुईं। कुछ स्थानों पर पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त या बाधित होने की बात भी सामने आई। डीएम ने जल संस्थान के अधिकारियों को ऐसी लाइनों को चिन्हित कर एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने को कहा है।
वहीं विद्युत विभाग को सड़क किनारे लगे विद्युत बॉक्स और अव्यवस्थित या क्षतिग्रस्त तारों को ठीक करने के साथ-साथ बिजली के पोलों पर लगे अनधिकृत होर्डिंग, पोस्टर और बैनर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
सफाई और नालों की व्यवस्था भी सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान नगर निगम को भी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बेहतर करने को कहा गया। सड़क किनारे सफाई और नालों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि भूपतवाला और सप्तसरोवर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सड़क, सीवरेज, पेयजल, बिजली और सफाई से जुड़े कामों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
अब देखना होगा, जमीन पर कितनी तेजी से बदलती है तस्वीर
डीएम के निर्देश के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निर्धारित समयसीमा में सड़कें कितनी तेजी से दुरुस्त होती हैं। फिलहाल प्रशासन ने एक सप्ताह में प्राथमिक मरम्मत कार्य पूरा करने और 15 अक्टूबर तक क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य तय किया है।
स्थानीय लोगों और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए आने वाले दिन इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि निर्देश के बाद अब सड़क की स्थिति में वास्तविक बदलाव दिखाई देना अपेक्षित है।
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