कुंभ 2027 से पहले बदलेगी हरिद्वार रेलवे स्टेशन की तस्वीर, 9 से बढ़कर 10 होंगे प्लेटफॉर्म
कुंभ 2027 से पहले हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के विस्तार का काम तेज हो गया है। स्टेशन पर फिलहाल 9 प्लेटफॉर्म हैं, जबकि 10वें प्लेटफॉर्म का निर्माण कार्य जारी है, जिसके पूरा होने के बाद प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी
अर्धकुंभ 2027 से पहले हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्टेशन की मौजूदा क्षमता बढ़ाने के साथ यात्री सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन से जुड़े कई काम किए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख प्लेटफॉर्म नंबर 10 का निर्माण है।
हरिद्वार जंक्शन पर फिलहाल 9 प्लेटफॉर्म हैं, इनमें प्लेटफॉर्म नंबर 7, 8 और 9 को मेला प्लेटफॉर्म के रूप में दर्ज किया गया है। अब प्लेटफॉर्म नंबर 10 के निर्माण से स्टेशन पर प्लेटफॉर्मों की कुल संख्या 10 हो जाएगी। सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक इसका निर्माण कार्य जारी है और रेलवे प्रशासन कुंभ से पहले इसे तैयार करने में जुटा है।
केवल प्लेटफॉर्म ही नहीं, पूरा स्टेशन होगा अपग्रेड
कुंभ के दौरान हरिद्वार आने वाले यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे और मेला प्रशासन स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में सुधार कर रहे हैं। जनवरी 2026 में मंडल रेल प्रबंधक के निरीक्षण के दौरान सामने आई योजना के अनुसार हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर करीब 460 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इसमें स्टेशन भवन के साथ रेलवे यार्ड का विकास भी शामिल है।
योजना का मकसद केवल कुंभ के दौरान अस्थायी व्यवस्थाएं तैयार करना नहीं, बल्कि स्टेशन को भविष्य की यात्री जरूरतों के अनुरूप विकसित करना भी है।
10 हजार यात्रियों की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया
कुंभ के दौरान सबसे बड़ी चुनौती स्टेशन पर एक साथ पहुंचने वाले यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना होगी। इसके लिए हरिद्वार स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में करीब 10 हजार यात्रियों की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया विकसित करने की योजना है। इस क्षेत्र में यात्रियों के लिए पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त टिकट काउंटर और हेल्पडेस्क भी बढ़ाए जाएंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि ट्रेन से उतरने या ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की भीड़ सीधे स्टेशन के मुख्य हिस्से में जमा न हो और यात्रियों के आवागमन को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
प्रवेश और निकास व्यवस्था पर भी जोर
कुंभ के दौरान स्टेशन पर सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा। यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकालने और अलग-अलग दिशाओं में भेजने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। रेलवे और मेला प्रशासन की योजनाओं में प्रवेश-निकास मार्गों को व्यवस्थित करने, सर्कुलेटिंग एरिया विकसित करने और यात्री प्रवाह को नियंत्रित करने पर जोर दिया गया है। फरवरी में स्टेशन के निरीक्षण के दौरान मेला प्रशासन ने प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, हेल्पडेस्क और उद्घोषणा प्रणाली को बेहतर रखने के निर्देश दिए थे।
फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं
स्टेशन के प्रस्तावित आधुनिकीकरण में यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट और दिव्यांग यात्रियों के अनुकूल सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल साइनेज, खान-पान की सुविधाएं और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को विकसित करने की योजना बताई गई है।
इसका असर केवल कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं पर नहीं, बल्कि सालभर हरिद्वार आने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है।
24 कोच की लंबी ट्रेनों के लिए भी तैयारी
कुंभ 2027 की तैयारियां केवल स्टेशन परिसर तक सीमित नहीं हैं। रेलवे बड़े स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म और अन्य ढांचे को इस तरह तैयार करने की दिशा में भी काम कर रहा है कि लंबी ट्रेनों का संचालन आसान हो सके। जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक मुरादाबाद से हरिद्वार और देहरादून तक बड़े स्टेशनों पर 22 से 24 कोच वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म में आवश्यक बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। हरिद्वार और देहरादून स्टेशन पर प्रतीक्षालय, सर्कुलेटिंग एरिया, फुटओवर ब्रिज और स्वच्छता व्यवस्था को भी अपग्रेड करने की बात कही गई है।
ज्वालापुर और मोतीचूर स्टेशन भी होंगे महत्वपूर्ण
कुंभ के दौरान पूरा यात्री दबाव केवल हरिद्वार जंक्शन पर डालने के बजाय आसपास के स्टेशनों का इस्तेमाल बढ़ाने की रणनीति भी बनाई जा रही है। रेलवे की योजना में ज्वालापुर और मोतीचूर रेलवे स्टेशन को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। जनवरी में रेलवे अधिकारियों ने इन दोनों स्टेशनों पर भी विशेष व्यवस्थाओं और ट्रेनों के ठहराव को लेकर योजना बनाए जाने की जानकारी दी थी।
अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार के अलावा योग नगरी ऋषिकेश, मोतीचूर, हर्रावाला, ज्वालापुर, रायवाला, वीरभद्र, एक्कड़ और पथरी समेत कुल 10 रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
सड़क, टीनशेड और शौचालयों की भी मरम्मत
कुंभ की तैयारियों के तहत फिलहाल जमीन पर भी काम दिखाई दे रहा है। सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार प्लेटफॉर्म-10 के निर्माण के साथ टीनशेड की मरम्मत, शौचालयों को दुरुस्त करने और स्टेशन परिसर तथा आसपास की खराब सड़कों की मरम्मत का काम भी चल रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन कार्यों का उद्देश्य कुंभ के दौरान यात्रियों को स्टेशन पर न्यूनतम असुविधा के साथ संभालना और स्टेशन की संचालन क्षमता को मजबूत करना है।
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