आदित्य राणा हत्याकांड: 48 घंटे में पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को दबोचा, तमंचा और खोखा बरामद
पुराने विवाद को सुलझाने के बहाने घर बुलाने का आरोप, गोली मारकर की गई थी हत्या; CCTV और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची
भगवानपुर क्षेत्र में 1 अक्टूबर की रात हुए आदित्य राणा उर्फ आदि राणा हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को इमली रोड टोल प्लाजा के पास से पकड़ा गया। मामले में हत्या में इस्तेमाल किया गया .315 बोर का तमंचा और खोखा कारतूस बरामद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
फाइनेंस के काम को लेकर हुआ था विवाद
जानकारी के मुताबिक भगवानपुर निवासी आदित्य राणा उर्फ आदि राणा फाइनेंस के काम से जुड़ा था। 1 अक्टूबर की रात वह अपने दोस्तों के साथ भगवानपुर क्षेत्र में गया था। इसी दौरान प्रताप कॉलोनी निवासी लक्की उर्फ रोहित के साथ किसी विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। शुरुआती विवाद के बाद आसपास मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों को शांत करा दिया था। इसके बाद आरोप है कि आदित्य को बातचीत के जरिए मामला सुलझाने के बहाने प्रताप कॉलोनी स्थित घर पर बुलाया गया।
घर बुलाने के बाद चली गोली
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार आदित्य अपने साथियों के साथ आरोपी पक्ष के घर पहुंचा था। वहां मौजूद तीन लोगों के साथ बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और आदित्य को गोली मार दी गई। गोली लगने के बाद आदित्य गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए आरोग्यम अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू की। बाद की पुलिस जांच के संबंध में प्रकाशित रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि मामला महज मौके पर हुए विवाद तक सीमित नहीं था, बल्कि पुराने विवाद को सुलझाने के बहाने आदित्य को घर बुलाए जाने की बात जांच में सामने आई।
तीनों नामजद आरोपी गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार के निर्देश पर पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई। पुलिस के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 3 अक्टूबर को इमली रोड टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिपोर्टों में:
- अनिल शर्मा पुत्र रामपाल
- राहुल शर्मा पुत्र अनिल शर्मा
- रोहित शर्मा उर्फ लक्की पुत्र अनिल शर्मा
के रूप में बताई गई है। तीनों को भगवानपुर क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
.315 बोर का तमंचा और खोखा बरामद
पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए .315 बोर के तमंचे और एक खोखा कारतूस की बरामदगी की जानकारी दी है। पुलिस अब बरामद हथियार समेत अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 48 घंटे में खुलासा
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने के बाद पुलिस ने घटना के करीब 48 घंटे के भीतर तीनों नामजद आरोपियों को पकड़ लिया। हालांकि, हत्याकांड की पूरी परिस्थितियों, गोली चलने के घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम तथ्य पुलिस की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में ही स्पष्ट होंगे।
कोई भी पंक्ति चुनकर उसे उद्धरण के रूप में भी शेयर कर सकते हैं।
हरिद्वार की हर खबर, हर पर्व और हर तस्वीर — सबसे पहले Facebook और Instagram पर
Haridwar, every day — follow us on Facebook and Instagram
रील्स, तस्वीरें और लाइव अपडेट हमारे सोशल पेजों पर; पूरी खबरें, गाइड और कैलेंडर यहाँ वेबसाइट पर।
संबंधित खबरें
कनखल में तेज रफ्तार निजी बस की टक्कर से एयरफोर्स जवान की मौत, साथी गंभीर
छुट्टी पर हरिद्वार आए थे वायुसेना के जवान योगेश जादौन, बस का इंतजार करते समय हुआ हादसा; साथी अमित गंभीर घायल
हरिद्वार में तेज रफ्तार कार का कहर, पांच लोगों को मारी टक्कर; पिकअप से भिड़ने के बाद रुकी गाड़ी
तेज रफ्तार कार ने सड़क पर पांच लोगों को मारी टक्कर, पिकअप से भिड़ने के बाद रुकी; चालक के नशे में होने की भी ज…
Editor
5 Oct, 2026 : खानपुर में पुलिस पर फायरिंग, ज्वालापुर में बस हादसा और अन्य खबरें
आज की खबरों में खानपुर में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी घायल हुआ, वहीं ज्वालापुर में तेज रफ्तार बस ने कई …
Editor
4 October 2026 : अर्धकुंभ 2027 के लिए रेलवे स्टेशन का विकास, जंगली हाथियों का उत्पात - दिनभर की प्रमुख खबरें
आज की खबरों में हरिद्वार रेलवे स्टेशन के विकास और नीलेश्वर महादेव मंदिर में हाथियों के उत्पात की प्रमुखता रही।